Milk Care Tips: गर्मी में बार-बार दूध फटने से हैं परेशान? जाने बिना फ्रिज के दूध को घंटों तक ताजा रखने के आसान तरीके

गर्मी का मौसम अब पूरी तरह से शुरू हो गया है। मार्च के महीने में ही ऐसा लगने लगा है जैसे अप्रैल वाली तेज गर्मी पड़ रही हो। इस बदलते तापमान का सीधा असर लोगों के खाने पीने की चीजों पर पड़ता है। गर्मी की वजह से मौसम में तापमान बहुत तेजी से बदलता है। इस वजह से घर में रखा हुआ खाना बहुत जल्दी खराब होने लगता है। ऐसे गर्म मौसम में सबसे ज्यादा अगर कोई चीज खराब होती है, तो वह दूध है। दूध इतनी जल्दी फटता है कि लोगों को अक्सर समझ ही नहीं आता है कि अब आगे क्या करें। अगर किसी को भी दूध के बार बार फटने की परेशानी से परेशान होना पड़ रहा है, तो अब बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस मौसम में दूध फटने की परेशानी को दूर करने के लिए कुछ आसान तरीकों को आजमाया जा सकता है। इन आसान तरीकों से गर्मी में दूध को फटने से बचाएं। ये कुछ तरीके हैं जो दूध को खराब होने से बचा सकते हैं।
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गीले सूती कपड़े का इस्तेमाल करना

गर्मियों के दिनों में दूध को फटने से बचाने के लिए गीले सूती कपड़े का इस्तेमाल बहुत ज्यादा काम आता है। दूध को उबालने के बाद उसे सबसे पहले तुरंत ठंडा कर लें। जब दूध अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तो उस बर्तन को एक सूती कपड़े से ढक दें। ये ध्यान रखना है कि सूती कपड़ा पूरी तरह गीला होना चाहिए। गीले कपड़े से ढकने के बाद उस बर्तन को घर की किसी ठंडी जगह पर रख दें। साथ ही वह जगह पूरी तरह हवादार भी होनी चाहिए। गीला सूती कपड़ा एवापोरेशन के प्रोसेस के जरिए दूध को ठंडक देता है। एवापोरेशन से मिलने वाली यही ठंडक दूध को सही रखती है। इसके अलावा, एक और आसान काम किया जा सकता है। उबलते हुए दूध में सिर्फ एक चुटकी बेकिंग सोडा भी डाला जा सकता है। ये तरीका भी दूध को सुरक्षित रखने में पूरी मदद करता है।

ठंडे पानी के बर्तन में रखना

गर्मी के भारी मौसम में दूध को सही रखने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। दूध को फटने से बचाने के लिए ये तरीका बहुत काम का है। उबले हुए दूध के बर्तन को ठंडे पानी से भरे एक बड़े टब में रखना चाहिए। ये तरीका सबसे असरदार तरीको में से एक माना जाता है। ठंडा पानी दूध के बर्तन को जल्दी ठंडा रखता है। दूध के बर्तन को ठंडे पानी में रखने से दूध का टेम्परेचर काफी कम रहता है। दूध का टेम्परेचर कम रहने से एक बहुत बड़ा फायदा होता है। दूध के अंदर बैक्टीरिया का डेवलपमेंट बहुत धीमा हो जाता है। बैक्टीरिया का डेवलपमेंट धीमा होने से दूध लंबे समय तक सेफ रहता है और बिल्कुल नहीं फटता है।